Star India News
Fri, Nov 6, 2026
Advertisement
Leaderboard Banner

आदिवासी बच्चों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट एक्शन में, स्वास्थ्य, पोषण और पेयजल पर मांगी रिपोर्ट

जबलपुर। बालाघाट जिले के बैहर-बिरसा क्षेत्र में बैगा आदिवासी बहुल गांवों में बच्चों की मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बच्चों की मौत, कुपोषण और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य …

आदिवासी बच्चों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट एक्शन में, स्वास्थ्य, पोषण और पेयजल पर मांगी रिपोर्ट

जबलपुर। बालाघाट जिले के बैहर-बिरसा क्षेत्र में बैगा आदिवासी बहुल गांवों में बच्चों की मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बच्चों की मौत, कुपोषण और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची व न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने केंद्र सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान पीठ ने मामले को गंभीर बताते हुए बच्चों की मौत पर चिंता जताई। याचिका बालाघाट निवासी अजब लाल लिल्हारे ने दायर की है। उनकी ओर से अधिवक्ता वरुण ठाकुर ने पक्ष रखा।

 

याचिका में आरोप लगाया गया है कि आदिवासी बहुल दूरस्थ क्षेत्रों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं, समय पर टीकाकरण, पौष्टिक आहार और बीमारी की समय रहते पहचान व उपचार की व्यवस्था में गंभीर कमियां हैं। याचिकाकर्ता ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, बच्चों को सुरक्षित पेयजल और पोषण उपलब्ध कराने तथा मौतों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है। याचिका में मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों में भी बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति का मुद्दा उठाया गया है।

बालाघाट के बिरसा क्षेत्र के गांवों और मंझरे टोलों में बच्चों की मौतों को लेकर आंकड़ों में अंतर सामने आया है। कांग्रेस का दावा है कि करीब चार माह में 45 बच्चों की मौत हुई है, जबकि प्रशासन ने अब तक 32 मौतों को स्वीकार किया है। एक अक्टूबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रभावित गांव जगला का दौरा किया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कुछ बच्चों की मौत प्रशासनिक आंकड़ों में दर्ज नहीं की गई है। बता दें कि मामला हाई कोर्ट में भी लंबित है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के 57 गांवों में 49,553 लोगों की स्क्रीनिंग का दावा किया है।

 

Share this story
Editorial Team
Editorial Team · Star India News

The editorial team at Star India News.

More from Editorial Team →

Comments

Be the first to comment on this story.