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Sun, Sep 6, 2026
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रायसेन जिला जेल में प्रहरी को गोली मारने की घटना, मामले में जेल अधीक्षक आरके चौरे निलंबित

रायसेन। जिला जेल में कैदी द्वारा जेल प्रहरी को गोली मारने के मामले में जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए जेल मुख्यालय से एक जांच दल रायसेन भेजा गया है। जेल आईजी रैं…

रायसेन जिला जेल में प्रहरी को गोली मारने की घटना, मामले में जेल अधीक्षक आरके चौरे निलंबित

रायसेन। जिला जेल में कैदी द्वारा जेल प्रहरी को गोली मारने के मामले में जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए जेल मुख्यालय से एक जांच दल रायसेन भेजा गया है। जेल आईजी रैंक के अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि कैदी के पास से बरामद अवैध कट्टा जेल की दीवार के बाहर से फेंका गया होगा। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

 

जेल डीजी वरुण कपूर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे घटनाक्रम और साजिश का पता चल जाएगा।गोली लगने से घायल जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को बेहतर इलाज के लिए भोपाल के एम्स में भर्ती कराया गया है जानकारी के अनुसार रायसेन जिला जेल में बंद कैदी नीलेश ठाकुर ने बुधवार सुबह करीब नौ बजे भागने की कोशिश के दौरान जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर अवैध कट्टे से दो गोलियां चला दीं। एक गोली प्रहरी के कंधे के पास और दूसरी पीठ में लगी।

 

घटना के बाद जेल में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने घायल प्रहरी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए भोपाल एम्स रेफर कर दिया गया। बताया गया है कि नीलेश ठाकुर रायसेन जिले की बरेली तहसील के ग्राम दिमाड़ा का रहने वाला है। वह पहले हुए गोलीकांड के मामले में जेल में बंद है। उसके खिलाफ पहले धारा 307 और बाद में धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

घायल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर के अनुसार बुधवार को जेल में स्कूली बच्चों का कार्यक्रम होना था। इसकी तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान कैदी नीलेश ठाकुर को फलों की टोकरी लेने के लिए जेल के गेट के पास भेजा गया था। इसी दौरान उसने गेट खोलकर भागने का प्रयास किया। प्रहरी ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने कट्टे से दो फायर कर दिए। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अन्य कर्मचारियों ने कैदी को काबू में लिया और घायल प्रहरी को अस्पताल पहुंचाया।

 

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि गंभीर आपराधिक मामले में जेल में बंद कैदी के पास अवैध कट्टा पहुंचा कैसे। पुलिस और जेल प्रशासन इसी बिंदु पर जांच कर रहे हैं। एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि जेल में गोली चलने की घटना सामने आई है। इस बात की जांच की जा रही है कि आरोपित के पास कट्टा कहां से आया। जेल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही जेलकर्मियों और घटना से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हथियार जेल की दीवार के बाहर से फेंके जाने की आशंका जताई गई है। जांच पूरी होने के बाद ही हथियार जेल तक पहुंचने और घटना के पीछे की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सकेगी।

 

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