भोपाल। राजधानी भोपाल के रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों ने उग्र प्रदर्शन किया। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले सैकड़ों कारोबारी न्यू मार्केट से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, लेकिन रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान व्यापारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कुछ व्यापारी नीचे गिर पड़े।

प्रदर्शनकारियों ने 'तानाशाही बंद करो' के नारे लगाए और सरकार को जगाने के लिए थाली, शंख तथा डमरू बजाए। प्रदर्शन में एक व्यापारी महात्मा गांधी के रूप में भी शामिल हुआ। मौके पर पहुंचे एसीपी अखिल पटेल ने ई-रिक्शा पर चढ़कर व्यापारियों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे मुख्यमंत्री से मिलने की मांग पर अड़े रहे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपने से मना कर दिया। लगभग चार घंटे चले इस गतिरोध के बाद एसडीएम अर्चना शर्मा के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ। हालांकि, कई व्यापारी इस आश्वासन से असंतुष्ट दिखे और सीधे सीलिंग रोकने की मांग करते रहे।
दूसरी ओर, विरोध प्रदर्शन के बीच नगर निगम ने कोहेफिजा इलाके में चाय लीला कैफे, बैकरी, होटल और बुक शॉप पर सीलिंग की कार्रवाई जारी रखी। करोंद क्षेत्र में भी व्यापारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। भोपाल व्यापारी महासंघ संघर्ष समिति के अध्यक्ष आनंद सोनी और चैंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई से पूरे शहर का व्यापार ठप हो गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मांग की कि सीलिंग तुरंत रोककर नया मास्टर प्लान लागू किया जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह कार्रवाई बंद नहीं हुई तो पूरे भोपाल के कारोबारी अनिश्चितकालीन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


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