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Sun, Sep 6, 2026
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एमपी के 25 लाख उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, e-KYC की नई डेडलाइन जारी, जानें कैसे बचेगी रसोई गैस

भोपाल। रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 23 अगस्त की तारीख बेहद अहम हो गई है। आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने के लिए अब सिर्फ पांच दिन शेष हैं। मध्यप्रदेश में करीब 1.25 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं में ल…

एमपी के 25 लाख उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, e-KYC की नई डेडलाइन जारी, जानें कैसे बचेगी रसोई गैस

भोपाल। रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 23 अगस्त की तारीख बेहद अहम हो गई है। आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने के लिए अब सिर्फ पांच दिन शेष हैं। मध्यप्रदेश में करीब 1.25 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं में लगभग 80 प्रतिशत यानी एक करोड़ उपभोक्ता ई-केवाईसी करा चुके हैं, जबकि करीब 25 लाख उपभोक्ताओं का सत्यापन बाकी है। भोपाल में भी करीब आठ लाख उपभोक्ताओं में से 1.28 लाख ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है।तेल कंपनियां लगातार लंबित उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजकर समय सीमा के भीतर सत्यापन कराने की अपील कर रही हैं। हालांकि, ई-केवाईसी नहीं कराने पर घरेलू सिलिंडर की डिलीवरी रोकने या सीधे कमर्शियल दर लागू करने का कोई स्पष्ट लिखित आदेश सामने नहीं आया है। इसके बावजूद गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार कुछ उपभोक्ताओं की बुकिंग रद्द होने और सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

राजधानी में करीब 8 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें 84 प्रतिशत यानी करीब 6.72 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि 1.28 लाख उपभोक्ताओं का सत्यापन लंबित है। कंपनियों ने ई-केवाईसी की अंतिम तारीख बढ़ाकर 23 अगस्त की है। अब समय सीमा नजदीक आने के कारण गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। फिलहाल 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत 947.50 रुपए है, जबकि 19 किलो के कमर्शियल सिलिंडर की कीमत 2935 रुपए है। यानी दोनों की कीमत में करीब 1987 रुपए का अंतर है। ऐसे में ई-केवाईसी को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। उपभोक्ता घर बैठे इंडियन ऑयल वन ऐप के जरिए ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा आधार और गैस कनेक्शन की जानकारी लेकर संबंधित गैस एजेंसी पर सत्यापन कराया जा सकता है। सिलिंडर की डिलीवरी के दौरान अधिकृत कर्मचारी की मदद से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। एजेंसी संचालकों के अनुसार दस्तावेज उपलब्ध होने पर सत्यापन में कुछ ही मिनट लगते हैं। 

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