उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास के 30 दिनों में 1 करोड़ 10 लाख 90 हजार 725 भक्तों ने राजाधिराज के दर्शन किए हैं। मंदिर समिति ने शुक्रवार शाम आंकड़े जारी कर इसकी जानकारी दी। समिति ने बताया कि भगवान महाकाल के दर्शन के अलावा 43 लाख 75 हजार भक्तों ने श्रावण-भाद्रपद मास में अब तक निकली चार सवारी तथा नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए हैं।

ऐसे में कुल 30 दिन में अब तक मंदिर के भीतर व बाहर सवारी मार्ग पर भगवान महाकाल के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या एक करोड़ 54 लाख 65 हजार पर पहुंच गई है। मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में 3 लाख 41 हजार 83 भक्तों ने निश्शुल्क भोजन प्रसादी ग्रहण की। वहीं देशभर से आने वाले कावड़ यात्रियों के लिए मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव की मंशा अनुसार शहर में पांच स्थानों पर निश्शुल्क भोजन प्रसादी का इंतजाम किया गया था।
इन स्थानों पर अब तक 2 लाख 71 हजार 956 कांवड़ यात्री महाकाल की महाप्रसादी ग्रहण कर चुके हैं। मंदिर समिति का दावा है कि इस बार करीब पांच लाख कावड़ यात्री भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने उज्जैन आए थे। श्रावण माह में मंदिर समिति ने शीघ्र दर्शन के लिए 5,66,350 टिकट जारी किए। इनसे मंदिर को 14 करोड़ 22 लाख 37 हजार 500 रुपये की आय हुई। यानी शीघ्र दर्शन व्यवस्था मंदिर की आय का बड़ा माध्यम बनी।
श्रावण के दौरान भगवान महाकाल की लड्डू प्रसादी की भी जमकर बिक्री हुई। मंदिर समिति के अनुसार इस अवधि में 2,180.662 क्विंटल लड्डू प्रसादी की बिक्री हुई, जिससे 10 करोड़ 32 लाख 73 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई।
महाकाल मंदिर में एक करोड़ 10 लाख 90 हजार 725 दर्शनार्थियों की संख्या हेड काउंटिंग से दर्ज हुई हो सकती है, लेकिन सवारी और नागचंद्रेश्वर दर्शन के 43.75 लाख श्रद्धालुओं की संख्या किस आधार पर तय की गई, यह मंदिर समिति ने स्पष्ट नहीं किया है।अलग-अलग आंकड़ों को जोड़कर 1.53 करोड़ का आंकड़ा बताने से पहले काउंटिंग की पद्धति और डुप्लीकेशन रोकने का आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए। महाकाल मंदिर की संपूर्ण व्यवस्था शासन संधारित है, ऐसे में बिना किसी तथ्य के आंकड़े जारी करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मंदिर समिति को मंदिर के भीतर और बाहर सवारी मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या की गणना किस यंत्र के माध्यम से की जा रही है और इसकी गणना कितनी वास्तविकता के कितने करीब है यह स्पष्ट करना चाहिए।


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