बैतूल। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर शहर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष जन्माष्टमी धार्मिक दृष्टि से विशेष मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्य सोनू पात्रिकर के अनुसार करीब पांच वर्ष बाद जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा की स्थिति का संयोग बन रहा है।
इस विशेष संयोग को लेकर श्रद्धालुओं में पर्व के प्रति खासा उत्साह है। इस वर्ष 4 सितंबर की रात मध्यरात्रि में मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा जन्माष्टमी को देखते हुए शहर के विभिन्न कृष्ण मंदिरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का काम शुरू हो गया है। मंदिर समितियां भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां तैयार करने में जुटी हैं। जन्मोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इससे पहले वर्ष 2021 में 30 अगस्त को जन्माष्टमी के अवसर पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा की स्थिति का संयोग था।
शहर के सदर क्षेत्र स्थित कृष्ण मंदिर और गंज क्षेत्र के कृष्ण मंदिर , बैतूलबाजार के श्री राधाकृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन होंगे। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाने का काम शुरू हो चुका है। जन्मोत्सव के लिए भगवान श्रीकृष्ण की विशेष झांकी तैयार की जाएगी।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इससे पहले वर्ष 2021 में 30 अगस्त को जन्माष्टमी के अवसर पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा की स्थिति का संयोग था। शहर के सदर क्षेत्र स्थित कृष्ण मंदिर और गंज क्षेत्र के कृष्ण मंदिर , बैतूलबाजार के श्री राधाकृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन होंगे। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाने का काम शुरू हो चुका है। जन्मोत्सव के लिए भगवान श्रीकृष्ण की विशेष झांकी तैयार की जाएगी।बाजार में भी पर्व की रौनक बढ़ने लगी है। भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाओं, पोशाक, मुकुट, बांसुरी और सजावटी सामग्री की मांग बढ़ने की उम्मीद है। मंदिरों से लेकर घरों तक जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां तेज होने लगी हैं और शहर में धार्मिक माहौल बनने लगा है।


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