भोपाल | आईएएस अधिकारी नेहा मराव्या एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। उनके व्यवहार से दुखी होकर जनजातीय क्षेत्रीय विकास परियोजना के अधिकारी-कर्मचारी शुक्रवार को खुलकर सामने आ गए। उन्होंने कलम बंद प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार वेतनवृद्धि रोकने, नोटिस देने और निलंबित किए जाने की धमकी दी जा रही है। गुरुवार को उन्होंने अपर संचालक स्तर की दो महिला अधिकारियों को बैठक से बाहर निकाल दिया था। उनसे कर्मचारियों के आरोप और प्रदर्शन को लेकर पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क साधने के साथ एसएमएस भी किया गया मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

कर्मचारी नेहा मराव्या के व्यवहार से कर्मचारी काफी समय से दुखी चल रहे थे, लेकिन उनके सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया। दरअसल, गुरुवार को दूसरे विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में 2017 से संचालित योजना को लेकर बैठक हुई। इसमें किसी जानकारी को लेकर दो अधिकारियों को उन्होंने कक्ष से बाहर कर दिया। प्रदर्शन में शामिल अपर संचालक रीता सिंह ने आरोप लगाया कि बैगा, भारिया और सहरिया समाज को दिया जाने वाला विशेष आहार अनुदान अगस्त का नहीं दिया गया। तीन घंटे में 40-50 साल पुराना रिकार्ड मांगा जाता है। अपर संचालक शिवानी गुप्ता ने कहा कि लोकसभा के एक प्रश्न की जानकारी उनके पास नहीं थी, इसके बाद भी डांट लगाई गई।
आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मराव्या के व्यवहार पर आपत्ति जताई है। उल्लेखनीय है कि डिंडौरी कलेक्टर रहने के दौरान भी अधिकारी-कर्मचारी उनके व्यवहार से दुखी थे और भाजपा नेताओं ने भी शिकायत की थी। राजस्व विभाग में रहते हुए उनका प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी से विवाद भी हुआ था।


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