ग्वालियर। ट्रेन के सेकंड एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा और साफ-सफाई की उम्मीद रहती है, लेकिन रतलाम-भिंड एक्सप्रेस के ए-1 कोच में यात्रियों को पूरी रात कॉकरोचों के बीच गुजारनी पड़ी। कोच में जगह-जगह छोटे-छोटे कॉकरोच घूमते रहे। वे बर्थ और यात्रियों के सामान तक पहुंच गए। हद तो तब हो गई, जब एक यात्री के हाथ पर भी कॉकरोच चढ़ गया। इससे यात्री पूरी रात ठीक से सो नहीं सके। घटना 15 अगस्त की रात की है।

बिरला नगर निवासी रीता तोमर अपने स्वजन के साथ उज्जैन से ग्वालियर की यात्रा कर रही थीं। रात होते ही कोच में कॉकरोच दिखाई देने लगे। सोने के दौरान भी बर्थ और आसपास काकरोच नजर आते रहे। कॉकरोच सिर्फ फर्श तक सीमित नहीं थे। वे बर्थ, बैग और सामान के आसपास भी घूम रहे थे। एक यात्री के हाथ पर भी कॉकरोच चढ़ गया। यात्रियों ने मामले की शिकायत रेल मदद एप पर भी दर्ज कराई।
गौरतलब है कि सेकंड एसी में सफर के लिए यात्री सामान्य श्रेणी की तुलना में अधिक किराया देते हैं। इसके बदले साफ-सुथरा और आरामदायक वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन रतलाम इंटरसिटी एक्सप्रेस में कॉकरोचों के आतंक से रेलवे की साफ-सफाई के साथ ही पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।


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