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Sun, Sep 6, 2026
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भीलालापुरा में आसमान से बरसे पत्थर,तेज धमाके से मच गई अफरा-तफरी, आक्रोशित ग्रामीण पहुंचे पुलिस स्टेशन

धार। समीप ग्राम पंचायत बलवारी के भीलालापुरा में शुक्रवार को अचानक हुआ तेज धमाका कुछ ही सेकंड में बच्चों की खिलखिलाहट को चीख-पुकार में बदल गया। निजी कंपनी के कार्य के दौरान हुई कथित ब्लास्टिंग से उड़े…

भीलालापुरा में आसमान से बरसे पत्थर,तेज धमाके से मच गई अफरा-तफरी, आक्रोशित ग्रामीण पहुंचे पुलिस स्टेशन

धार। समीप ग्राम पंचायत बलवारी के भीलालापुरा में शुक्रवार को अचानक हुआ तेज धमाका कुछ ही सेकंड में बच्चों की खिलखिलाहट को चीख-पुकार में बदल गया। निजी कंपनी के कार्य के दौरान हुई कथित ब्लास्टिंग से उड़े पत्थर सीधे स्कूल की छत और आसपास के मकानों पर जा गिरे। उस समय स्कूल परिसर में बच्चे मौजूद थे और कुछ बच्चे प्रसादी लेकर बाहर खेल रहे थे धमाके की आवाज सुनते ही बच्चे घबराकर इधर-उधर भागने लगे। स्कूल की छत की चद्दरों में बड़े-बड़े छेद हो गए और आसपास के मकानों की चद्दरें भी टूट गईं। गनीमत रही कि कोई बच्चा पत्थरों की चपेट में नहीं आया, वरना हादसा गंभीर हो सकता था।घटना के बाद ग्रामीणों ने कंपनी के काम और ब्लास्टिंग में बरती गई लापरवाही को लेकर सवाल उठाते हुए प्रशासन से जांच की मांग की है।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि, ब्लास्टिंग से पहले आसपास के रहवासियों को किसी तरह की सूचना नहीं दी गई थी। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नजर नहीं आए। अचानक हुए धमाके के बाद जब पत्थर मकानों और स्कूल की छत पर गिरे तो लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उस समय बच्चे स्कूल की छत के नीचे होते और पत्थर सीधे उनके ऊपर गिरते तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के बाद मकानों और स्कूल की क्षतिग्रस्त चद्दरों को देखकर ग्रामीणों में आक्रोश है। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर धामनोद थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने निजी कंपनी के खिलाफ आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर स्कूल और क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण कराने तथा नुकसान का आकलन करने की मांग रखी।ग्रामीणों का आरोप है कि यदि ब्लास्टिंग की अनुमति ली गई थी तो आसपास के रहवासियों और स्कूल को इसकी पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई। स्कूल के पास ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे और पत्थरों को आबादी व स्कूल तक पहुंचने से रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी,इसकी जांच की मांग ग्रामीणों ने की है। मामला केवल मकानों और स्कूल की चद्दरें टूटने तक सीमित नहीं है। असली चिंता बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा की है। समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में इससे भी गंभीर हादसा हो सकता है।

ग्राम पंचायत सरपंच सुरेश गिरवाल ने घटना पर गंभीर आपत्ति जताई। बिना सूचना के इस तरह ब्लास्टिंग करना ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। ठेकेदार की लापरवाही से कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती थी। सरपंच ने प्रशासन से ब्लास्टिंग की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और कंपनी के कार्यों की जांच कराने की मांग की है। जांच में यदि लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

 

 

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