जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट से अब यात्री उड़ानों के साथ विमानन प्रशिक्षण की नई उड़ान शुरू करने की तैयारी है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने उपलब्ध सुविधाओं के व्यावसायिक उपयोग के लिए फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों को रनवे उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की है। प्रशिक्षु विमानों के संचालन के लिए रनवे किराए पर देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए कई फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों और कंपनियों को प्रस्ताव भेजे गए हैं।एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार दो-तीन फ्लाइंग क्लबों ने जबलपुर में प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू करने में रुचि दिखाई है। हालांकि, डुमना एयरपोर्ट के आसपास आर्डिनेंस फैक्ट्री होने के कारण क्षेत्र को संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग से जुड़ी गतिविधियां शुरू करने से पहले संबंधित स्तर से आवश्यक अनुमति लेना जरूरी होगा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इसके लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से भी आवश्यक अनुमति मांगी है।

एयरपोर्ट अधिकारी नीरज गुडवानी के मुताबिक फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों को प्रस्ताव भेजे गए हैं और उनकी ओर से सकारात्मक रुचि सामने आई है। अनुमति मिलने और संस्थान के साथ सहमति बनने के बाद प्रशिक्षु विमानों का संचालन शुरू किया जा सकेगा।इससे डुमना एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही बढ़ेगी और एयरपोर्ट की उपलब्ध सुविधाओं का अतिरिक्त उपयोग भी हो सकेगा। वर्तमान में प्रदेश के इंदौर, भोपाल और सागर में फ्लाइंग क्लबों के माध्यम से विमानन प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित होती हैं। जबलपुर में भी यह सुविधा शुरू होने पर स्थानीय युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए एक नया विकल्प मिल सकता है।
इसके साथ ही विमानन क्षेत्र से जुड़े तकनीकी और सहायक कार्यों में रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। यात्री उड़ानों के साथ प्रशिक्षण विमानों की गतिविधियां शुरू होने से डुमना एयरपोर्ट की व्यावसायिक गतिविधियों का दायरा भी बढ़ सकता है।


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