Star India News
Sun, Sep 6, 2026
Advertisement
Leaderboard Banner

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला: आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय लगभग दोगुणा कर दिए जाएं

लखनऊ। याोगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के करीब 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अब ऐसी व्यवस्था तैयार करने का दावा किया है, जिसमें न वेतन से बिचौलियों की कटौती चलेगी और न ही आउटसोर्स कंपनी की मनमा…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला:  आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय लगभग दोगुणा कर दिए जाएं

लखनऊ। याोगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के करीब 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अब ऐसी व्यवस्था तैयार करने का दावा किया है, जिसमें न वेतन से बिचौलियों की कटौती चलेगी और न ही आउटसोर्स कंपनी की मनमानी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) का शुभारंभ करते हुए कहा कि आउटसोर्स कंपनी कर्मचारी के वेतन से कोई पैसा नहीं काट सकेगी। कंपनी का सर्विस चार्ज सरकार अलग से देगी। इतना ही नहीं, किसी कर्मचारी को मनमाने तरीके से नौकरी से निकालना भी आसान नहीं होगा। इसके लिए पहले सरकार को सूचना देनी होगी और मामले की जांच के बाद ही निर्णय होगा। इसके साथ ही सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय लगभग दोगुणा कर दिया है।

लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यूपीकास के 'लोगो' का अनावरण व पोर्टल एवं वेबसाइट का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में स्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी मेहनत से प्रदेश आगे बढ़ा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें उनकी गरिमा के अनुरूप सम्मान और सुरक्षा मिले। यूपीकास इसी गरिमा और गौरव को स्थापित करने का प्रयास है। कर्मचारियों की भविष्य निधि यानी ईपीएफ का पैसा भी उनके नाम पर ही सुरक्षित रहेगा। ईएसआइ से इलाज मिलेगा। अगर सही इलाज यहां नहीं मिला तो इन्हें भी पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा आयुष्मान योजना से प्रदान की जाएगी। इस मौके पर भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता भी हुआ। दुर्घटना में मृत्यु होने पर कर्मचारियों के स्वजन को 20 से 50 लाख रुपये मिलेंगे। अग्निकांड का शिकार होने पर दस लाख रुपये मिलेंगे। पुत्र व पुत्रियों की शिक्षा के लिए भी बैंक आठ से 10 लाख रुपये का कर्ज देगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन का नहीं, बल्कि विश्वास का होता है। कर्मचारी को यह महसूस होना चाहिए कि उसके बेहतर कार्य का रिकार्ड रखा जा रहा है और उसकी समस्या सुनने के लिए तंत्र मौजूद है। समय पर वेतन और मेहनत के अनुरूप मानदेय मिलना उसका अधिकार है। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। कहा कि 2017 से पहले की सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ मानती थीं। उस समय रखी गई आउटसोर्स कंपनियों को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि उनमें राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के नातेदार-रिश्तेदार शामिल थे। भर्ती और यूनिफार्म के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जाता था।

 

 

Share this story
Editorial Team
Editorial Team · Star India News

The editorial team at Star India News.

More from Editorial Team →

Comments

Be the first to comment on this story.