भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है, लेकिन क्यूम्यलोनिम्बस क्लाउड (सीबी क्लाउड) के कारण प्रदेश में बादल जमकर बरस रहे हैं। रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात को भोपाल, टीकमगढ़, शिवपुरी, सीधी समेत प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बरसात हुई। कहीं तेज पानी नहीं गिरा, लेकिन भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर समेत करीब आठ जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विज्ञानी एचएस पांडे ने बताया कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में नमी आ रही है, वहीं प्रदेश के उत्तरी इलाकों से गुजर रही ट्रफ लाइन का असर भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते 28 अगस्त तक वर्षा की गतिविधियां जारी रहेंगी।मंगलवार को राजगढ़, सीधी, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी वर्षा के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम में भारी वर्षा की आशंका जताई गई है, जबकि भोपाल, सीहोर और हरदा में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं
क्यूम्यलोनिम्बस क्लाउड एक विशाल, लंबवत और गहरा तूफानी बादल है, जिसे हिंदी में कपासी वर्षा बादल कहा जाता है। यह जमीन से 500 मीटर की ऊंचाई से शुरू होकर 12 से 20 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपर आसमान में फैल सकता है। ये बादल भारी बारिश, चमकती बिजली, गरज, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की वजह बनते हैं। एक तरफ जहां उप्र समेत अन्य राज्यों में नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं मध्य प्रदेश में औसत से 11 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। चालू मानसून सत्र में एक जून से 24 अगस्त तक के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में 638.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मप्र में जहां आठ प्रतिशत की कमी है, वहीं पश्चिमी हिस्से में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है और वहां सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है।




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