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Mon, Sep 7, 2026
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आगरा विश्वविद्यालय के 100 साल पूरे; सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

आगरा: डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 100वें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को स्वामी विवेकानंद परिसर (खंदारी) स्थित जय प्रकाश नारायण सभागार में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा…

आगरा विश्वविद्यालय के 100 साल पूरे; सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
A special felicitation ceremony will be held on Wednesday at the Jay Prakash Narayan Auditorium on the Swami Vivekananda Campus (Khandari) to mark the 100th foundation day of Dr. Bhimrao Ambedkar University.

आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने अपनी शताब्दी (स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य) के अवसर पर बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। यह समारोह खंदारी परिसर के जयप्रकाश नारायण सभागार में बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 100 वर्षों के इतिहास, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की झलक देखने को मिली।

दीप प्रज्वलन और ‘शताब्दी गीत’ के साथ शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. आशु रानी की अध्यक्षता में पारंपरिक दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुई। इसके बाद 'वंदे मातरम्' और विश्वविद्यालय के विशेष 'शताब्दी गीत' का गायन हुआ, जिससे पूरा सभागार ऊर्जा और उत्साह से भर उठा। मंच पर कुलपति प्रो. आशु रानी के साथ कुलसचिव अजय कुमार मिश्रा, प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश और सुदर्शन सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलू सिन्हा ने किया।

स्वागत नृत्य और लघु फिल्म ने जीता दिल
ललित कला संस्थान के शिक्षकों और छात्रों ने एक गीत के साथ अतिथियों का स्वागत किया, वहीं मॉडल स्कूल के बच्चों ने 'गणेश वंदना' पर आधारित एक सुंदर नृत्य प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का एक और आकर्षण विश्वविद्यालय पर बनी एक लघु वृत्तचित्र फिल्म रही। इसे विश्वविद्यालय के रेडियो स्टेशन "आगरा की आवाज" के इंजीनियर तरुण श्रीवास्तव ने प्रो. संजय चौधरी के निर्देशन में तैयार किया। फिल्म ने विश्वविद्यालय की 100 वर्षों की यात्रा को बखूबी दर्शाया।

डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने अपनी शताब्दी (स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य) के अवसर पर बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। 

शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों ने साझा किए अनुभव
विश्वविद्यालय की यात्रा पर विचार व्यक्त करते हुए प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. अचला गक्खड़ और प्रो. मोहम्मद हुसैन ने शिक्षा और शोध को बेहतर बनाने पर अपने विचार साझा किए। वहीं, कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हुए अरविंद गुप्ता, राजीव जैन और डॉ. नीलम शर्मा ने विश्वविद्यालय की प्रगति में कर्मचारियों के योगदान पर बात की। छात्रों में स्वयं शर्मा और अतुल महौर ने विश्वविद्यालय के माहौल की सराहना की। विधि के छात्र सौरभ यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों के 100 से अधिक छात्रों ने कार्यक्रम में भाग लिया। 

शानदार नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ओडिसी, भरतनाट्यम और कथक नृत्य शैलियों का संगम—'त्रिधारा' शीर्षक वाली प्रस्तुति—शो का मुख्य आकर्षण रही।
इसके अलावा, दर्शकों ने 'शिक्षा का महत्व' विषय पर आधारित एक लघु नाटक और 'ब्रज के रंग कान्हा के संग' शीर्षक वाली एक लोक नृत्य प्रस्तुति की खूब सराहना की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के प्रतिभाशाली बच्चों को भी सम्मानित किया गया।

नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का शुभारंभ
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि शताब्दी समारोह न केवल अतीत का स्मरण है, बल्कि भविष्य के लिए एक नए संकल्प का प्रतीक भी है। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा (दूरस्थ शिक्षा), इंटीग्रेटेड बी.एड., एम.टेक. और फुटवियर टेक्नोलॉजी समेत नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के शुभारंभ की घोषणा की।
उन्होंने पिछले साल विश्वविद्यालय द्वारा नैक (NAAC) A+ ग्रेड हासिल करने की उपलब्धि को भी रेखांकित किया और इसे एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

प्रमाणपत्र वितरण के साथ समापन
डॉ. रत्ना पांडे, डॉ. मोनिका अस्थाना, डॉ. मीनाक्षी चौधरी और जनसंपर्क विभाग की टीम ने कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। जनसंपर्क अधिकारी पूजा सक्सेना, डॉ. स्वेतलाना, डॉ. संदीप शर्मा और दीपक कुलश्रेष्ठ आउटरीच और समन्वय के प्रयासों में महत्वपूर्ण रहे। कार्यक्रम का समापन सभी भाग लेने वाले कलाकारों और छात्रों को प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ, जिसके बाद एक सामूहिक तस्वीर ली गई। कुलसचिव अजय कुमार मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

 

वे 15 कॉलेज जिनके साथ विश्वविद्यालय की शुरुआत हुई:

- आगरा कॉलेज, आगरा

- सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा

- महाराजा कॉलेज, जयपुर

- मेरठ कॉलेज, मेरठ

- इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज

- होल्कर कॉलेज, इंदौर

- सनातन धर्म कॉलेज, कानपुर

- बरेली कॉलेज, बरेली

- गवर्नमेंट कॉलेज, अजमेर

- डीएवी कॉलेज, कानपुर

- विक्टोरिया कॉलेज, ग्वालियर

- सेंट एंड्रयूज कॉलेज, गोरखपुर

- जसवंत कॉलेज, जोधपुर

- एग्रीकल्चर कॉलेज, कानपुर

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